Nights of Cabaria

नाइट्स ऑफ़ कैबिरिया’ फेलिनी द्वारा 1957 में निर्देशित कमाल की इतालवी फ़िल्म है मगर कई कारणों के चलते यह ‘ला स्ट्राडा’ के बेंचमार्क तक नहीं पहुँच पाती। फिर भी ‘नाइट्स ऑफ़ कैबिरिया’ बेहतरीन है क्योंकि यह फेलिनी की फ़िल्म है। फेलिनी दुनिया के महानतम फिल्मकारों में एक रहे और डेविड लिंच, कुस्तरिका सरीखे फिल्मकारों की प्रेरणा बने।1956 में ला स्ट्राडा के लिए अकादमी अवार्ड जितने के बाद उस से अगले साल का भी अकादमी अवार्ड अपने नाम करने वाली ‘नाइट्स ऑफ़ कैबिरिया’ एक प्रॉस्टिट्यूट का कथार्सिस है। यहां जरूरत मोहोब्बत की है, रास्ते कई हैं पर धर्म,पैसा और शोहरत मोहोब्बत तक नहीं पहुंच सकते, वर्णन उसके लिए एक ही रास्ता जाता है वह है रूह का। रूह न तोह मर्द के बटुए में पायी जाती है न तोह औरत के आलिंगन में। यह कहीं और से आती है। फेलिनी का सिनेमा अक्सर यादों,सपनों, फंतासी और कामुकता सरीखे रंगों से भरा रहता है और ‘नाइट्स ऑफ़ कैबिरिया’  भी जादुई फंतासी, दुखद सच्चाई और सपनों के आदान प्रदान से भरी हुयी है।
फ़िल्म की मुख्य अभिनेत्री ‘गिउलिएट मसिना’ को बेहतरीन अदाकारी के लिए अवार्ड दिया गया। फेलिनी ने पिछली फ़िल्म ‘ला स्ट्राडा’ में मसिना की परफॉरमेंस से प्रेरणा ले कर ही ‘नाइट्स ऑफ़ कैबिरिया’ बनाई। फ़िल्म से पहलेे पिता की मौत और फिर दूसरी
त्रासदी यह के उस दौरान कोई प्रॉस्टिट्यूट पर आधारित फ़िल्म नहीं बनाना चाह रहा था, से झूझते फेलिनी ने यह फ़िल्म शुरू की। सिनेमा, आज़ादी के साथ साथ कई भय भी लेकर आता है। मसलन आज भी कोई बिना शिखर सितारे की फ़िल्म में पैसा नहीं लगाना चाहता। सिनेमा मेहंगी कला है और इसमें पैसे के साथ साथ बहुत कुछ जाता है। खैर, पोस्ट वर्ल्ड वॉर के समय की फेलिनी की यह फ़िल्म मास्टरपीस है मसिना, लेडी चार्ली चैपलिन हैं। उन जैसी अभिनेत्री, विश्व सिनेमा में दूसरी कोई नहीं हुयी। ‘ला स्ट्राडा’ में उनका चेहरा कोई कैसे भूल सकता है। मोहबत की खोज में सब कुछ लुटाने वाली सुनेओरा (फ़िल्म में मसिना के किरदार का नाम) जब आखरी सीेन में आंसू टपकाती मुस्कुराती है तोह यकीन मानिये मोहब्बत मूर्ति लगने लगती है, सिनेमा मंदिर बन जाता है और फेलिनी उस मंदिर का पुजारी हो उठता है। मंदिर पर दोबारा विश्वास होने लगता है।
Gursimran Datla

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s