Anecdotes ( Trip to India) Dec 2018 – Jan 2019

Artist at work

  • …तुम ताउम्र ऐसे जिस्म की कामना करते रहे जो तुम्हारे वजूद और तुम्हारी नीयत के बिलकुल विपरीत था| उसे एक बार छूना तुम्हारी ज़िन्दगी की ना पूरी हुई तमन्ना हो गई| कल को जब तुम्हें जलाया, दफनाया जाएगा तोह तुम्हारे ऊपर पड़ी चद्दर पर, हर न पूरी हुई तमन्ना की याद में एक लाल धब्बा लगाया जाएगा| तुम देखोगे के तुम्हारे साड़ी चद्दर सुर्ख लाल हो गई है | – Jan 31,2019 7:27pm
  • …ग़ालिब आज दिल्ली होता तोह पोलुशन मास्क पेहेन कर शेयर कैसे पढ़ता ? – Jan 31,2019 7:36pm
  • …गाँधी से ज्यादा गोडसे को याद रखो, जैसे हिटलर को याद रखा गया |
    फायदा क्या ? हिटलर तोह बाद भी बहुत हुए |
    सही है | पर वो क्या है के ज़िस कौम की चेतना ज्यादा लंबे समय् के लिये सोई रहे वो कौम फिर नापुंसक हो जाती है |- Jan 30,2019 8:45pm
  • …भारतीय मध्य वर्ग, जो साबुन भी इस लालाच से इस्तेमाल करता है के हो सकता है उसमें से गोलड पेंड़ेंट निकल आए | – Jan 30,2019 8:01am
  • …ज़्यादातर लोग जो मध्यवर्गीय मूल्यों के साथ पैदा होते हैं वो मध्यवर्गीय मूल्यों के साथ ही मर जाते हैं। – Jan 28,2019 8:50pm
  • …आज सारे रिटायरड ब्रिगेडीयरों, कर्नलों को न्यूज़ चेनेलों ने काम पे लगाया हुआ है। (Republic Day) – Jan26, 2019 9:18am

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  • …तुम आ गिरो मुझ पर, भ्रमंड के, किसी ध्रूव तारे की रोशनी की तरह
    और मैं पिघल जाऊँ, आकाश में मँडराते, किसी ग्रह के बचे अवशेष की तरह – Jan 16, 8:09am
  • …GST,परदूषण, मिट्टी, असंतोष, निराशा, उर्दू के अदब और हिंदी की किताबों में इज़ाफ़े के इलावा हिंदुस्तान के घरों में कुछ ख़ासा बदलाव नहीं आया है।
    एल॰ई॰डी॰ के साइज़ के साथ साथ anxiety भी बढ़ गयी है।
    स्टैंड अप माइक पर कविता, कहानियाँ, चुटकुलों से चाँद, तारे और फूलों के मेटाफ़र ज़मीन पर आते ही prone to dust हो जाते हैं।
    सूचना ज्ञान हो गया है और ज्ञान 28 दिन का जीयो का validity प्लान।
    कला, बस की आख़री सीट पर बैठी, कंडक्टर से अपना चेंज वापिस लेने का इंतज़ार कर रही है।पर ड्राइवर ने उस चेंज से अधिया ख़रीद लिया है।
    हम या तो अतिसमवेदनशील हो गये हैं या तो सामवेदनहीन। बीच के लेवल को गिरवी रख के हमने सस्ती ब्याज दरों पर टूवीलर ले लिया है ।
    कहीं घरों के चूहलों के पीछे बंकर बन गये हैं तो कहीं घरों की दहलीजों के आगे क़ब्रिस्तान।
    आदमी कहाँ है ?
    वो कहीं दोनों के बीच रास्ते बैठा, अपने स्मार्ट्फ़ोन की flashlight ON किए,किसी राम के आने का इंतज़ार कर रहा है। – Jan 15 8:30am  
  • …भाषा पर पकड़ से ज़्यादा ज़रूरी है ज़ुबान और उँगलियों पर पकड़ – Jan 13, 8:28am
  • …मोहोब्बत और चाय, दोनों की लत आदमी को जगाए रखती है। – Jan 15,2019 6:08pm
  • …जो रंगदे महबूब की चुनरी के साथ, माही का दिल
    ऐसा क़ाबिल-ओ-दरुस्त रंगरेज नहीं मिलता – Jan 05, 2019

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  • …3 करोड़ देवी देवता, आसाराम बापू और गुरमीत राम रहीम,
    मिलकर भी 125 करोड़ लोगों के दिल की मैल निकाल ना पाए – Jan 04,2019 9:17pm
    • …हर प्रेम कहानी कि ख़राब बात यह होती है के उसका अंत एक जैसा होता है, वहीं पर त्रासदीक कहानी किसी अंत से शुरू होती है और खंड में घूमती रहती है। – Dec 25, 2018

 

  • …बचपन के पैर होते हैं बड़े
    अक्सर रजाई से बाहर आ जाते हैं – Dec 23, 2018
  • …छ रातें जागते रहने के लिए बनी हैं
    ओ विलाप करते तारो
    सपनों को चाहे ले जाओ
    पर सपनों के भ्रम को बना रहने दो
    कुछ जीवन भ्रम में निकलने के लिए बने हैं – Dec 19, 2018

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– Photography – @Gursimran Datla

– Writing – @Gursimran Datla

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